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मंगल पांडे: वो चिंगारी जो बन गई क्रांति की मशाल!

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मंगल पांडे: The Real Boss 29 मार्च 1857—वो दिन जब हिंदुस्तान की धरती पर एक ऐसा सूरज उगा, जिसने अंग्रेजों की नींद हराम कर दी। नाम था मंगल पांडे—एक ऐसा शेर, जिसने बैरकपुर की छावनी में विद्रोह का बिगुल फूंका और आजादी की पहली गोली दागी। ये कोई फिल्मी हीरो नहीं था, भाई, ये था असली हिंदुस्तानी जांबाज, जिसके खून में देशभक्ति और आँखों में आग थी। तो चलो, और देखते हैं कि मंगल पांडे का परिवार और आज का उनका जज्बा हमें क्या सिखाता है! 1857 का वो धमाका बैरकपुर छावनी। मंगल पांडे, 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री का वो सिपाही, जिसके सामने अंग्रेजों की चालाकी धरी की धरी रह गई। नई एनफील्ड राइफल्स आईं, जिनके कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी की अफवाह फैली। ये बात हिंदू-मुस्लिम सिपाहियों के लिए आस्था पर चोट थी। अंग्रेज सोचते थे, "इनको डराकर रखेंगे," मगर मंगल पांडे ने कहा, "अब खेल खत्म!" उसने बंदूक उठाई, गोलियाँ दागीं, और लेफ्टिनेंट बफ और सार्जेंट-मेजर ह्यूसन को धराशायी कर दिया। "भाइयों, उठो, फिरंगियों को मारो!"—उसकी वो हुंकार गूंजी, और भले ही उस दिन साथी हिचकिचाए, मगर वो चिंगारी ...

26 जनवरी से जुड़ी 3 ज़रूरी बातें!

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  26  जनवरी को ही क्यों मनाते है गणतंत्र दिवस? हमारे देश का संविधान यानि कानून 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया मगर दुनियां का सब से बड़ा लिखित संविधान 26 नवंबर 1949 को ही बन गया था… मगर ये बात है 1930 की जब जवाहर लाल नेहरू जी के अध्यक्षता में कांग्रेस का अधिवेशन रावी नदी के किनारे लाहौर ( अब पाकिस्तान) में हुआ था, इस दिन भारत के लोगों ने ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की थी। यह संकल्प आजादी की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। इस दिन को सदैव याद रखा जाएं इसी कारण 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाने का निर्णय लिया गया, जो हमारे स्वतंत्रता संघर्ष की याद दिलाता है। 26 जनवरी को कौन झंडा फहराता हैं? 26 जनवरी को, राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। राजपथ, नई दिल्ली में होने वाले मुख्य समारोह में, राष्ट्रपति ध्वजारोहण करते हैं जिसके बाद राष्ट्रगान गाया जाता है और 21 तोपों की सलामी दी जाती है।  इस बार इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को भारत ने अपना (Chief Guest) मुख्य अतिथि बनाया है। जबकि पिछली बार फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन मुख्य अतिथि थें। झंडारोह...

कुंभ का अर्थशास्त्र

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  कुंभ का अर्थशास्त्र:-  Competitive Exams के Students को Economics अच्छे से समझनी होती हैं और अभी हम विश्व के सब से बड़े धार्मिक आयोजन को देखना शुरू कर दिए है और  ये ऐसा महाआयोजन हैं,जिसको आपकी पिछली 3 पीढ़ियों ने कभी नहीं attend किया होगा और आने वाली 3 पीढ़ियां भी नहीं कर पाएंगे क्योंकि ये दिव्य कुंभ, भव्य कुम्भ अद्भुत कुंभ यानी की महाकुंभ हैं, जो की 144 वर्ष बाद आया हैं। अर्ध कुंभ आता हैं 6 सालों में एक बार,पूर्ण कुम्भ आता हैं 12 सालों में एक बार और 13/01/25 से 25/02/25 तक चलने वाला कुंभ 12 का Square यानी 144 साल पूरा होने पर आया हैं। आईए समझते हैं कुंभ का अर्थशास्त्र:-   इस बार कुम्भ मेला में 40 करोड़ लोगों के आने की बात कहीं का रहीं हैं, अर्ध कुंभ 2019 में 25 करोड़ लोग आयें थे। इन लोगों के रहने के लिए महाकुंभ नगर को 4 हजार हैक्टेयर में बसाया गया हैं और 2019 में ये Area 2.5 हजार हैक्टेयर था और 1 लाख 60 हज़ार टेंट   लगाएं गए है लोगों के रहने के लिए। 9 पक्के घाटों की व्यवस्था की गई है जबकि 2019 में 4 पक्के घाट थे साथ ही 30 पैंटून ब्रिज भी हम लोगों के लिए...

राष्ट्रीय युवा दिवस:- स्वामी विवेकानंद जी की जयंती

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  हर Competitive Exam Student को जो Date याद रहती हैं, वो है "राष्ट्रीय युवा दिवस" ( National Youth Day) जो की 1984 से हर साल मनाया जा रहा हैं, ये ही वहीं साल है जब इंदिरा गांधी जी का हत्या कर दिया गया था और देश भर में दंगे भड़क गए थें। कोलकात्ता के सब से Famous वकील विश्वनाथ दत्त और भुवनेश्वरी देवी के यहां 1863 में जन्में नरेंद्र नाथ दत्त ही 1881 में विवेकानंद बने और आज पूरे World में अपने दिए हुए उपदेशों और हिंदुत्व के प्रखर वक्ता( Orator) के रूप में सभी जानते हैं। जिनके ज्ञान के बारे में सुन के युवा खुद ही तार्किक और मार्मिक हो जाते हैं जैसे की:- "दिन में एक बार अपने आप से बात करें, नहीं तो आप इस दुनिया में एक बुद्धिमान व्यक्ति से मिलने से चूक सकते हैं।" उन स्वामी विवेकानंद जी जन्म जयंती पर शत शत नमन वंदन हिंदू धर्म की समृद्ध और खुले विचारधारा को वापस विश्व पटल पर लाने का आपका प्रयास हम सभी को सदैव प्रेरित करता रहेगा। एक बार स्वामी से ने अपने उपदेशों के समय कहां था की  हर हिन्दू को श्रीमद भगवत गीता पढ़ना चाहिए और Football खेलना चाहिए क्योंकि उनका मानना था उनका था...

B H U में Free Online कोर्स

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  B H U में फ़्री ऑनलाइन Courses !  शिक्षा के लिए आने वाले सभी बाधाओं को ख़त्म करने लिए इसी जनवरी 2025 से B H U ने SWAYAM (स्वयं) पोर्टल के ज़रिए Quality Education यानि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा Free में देने का decision लिया हैं। इसके लिए B H U ने 22 Free SWAYAM Courses शुरू किए है।   SWAYAM   का पूरा नाम Study Webs of Active-learning for Young Aspiring Minds हैं। इसके लिए हम सभी को न कोई Fee देने की ज़रूरत है, ना ही कैंपस जाने की, घर से ही ये Free Courses हम कर सकते हैं। B H U  के स्वयं पोर्टल पर इन सभी 22 Courses के बारे सारी ज़रूरी जानकारी दी गई हैं।   Form Apply शुरू हो चुकें है और Last Date 27/01/25 हैं। Instructors जो की इन Courses को पूरा करवाएंगे उनका नाम भी बता दिया गया हैं, और अगर Duration की बात करें तो 12 Weeks के 8, 8 Weeks के 6 और 4 Weeks के 7 Courses हैं, मतलब लगभग आज के समय के सभी ज़रूरी Courses शुरू हो रहें हैं। सभी Courses Online ही होगी और Exam भी Online mode में ही होगा। Students और Professionals को ध्यान में रख के ही इन सभी कोर्सेज को बनाया...

ISRO के नएं चेयरमैन

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  ISRO के ग्यारहवे चीफ़ Dr. V नारायणन बहुमुखी प्रतिभा के धनी S. सोमनाथ के जगह अब ISRO के नए प्रमुख के लिए डॉ. V नारायणन को मौका दिया गया हैं। 1984 में जब भारत में  भारत की पहली 3D मूवी My Dear Kuttichathan बनी थीं तब इस महान व्यक्तित्व ने ISRO में अपनी करियर की शुरुआत की थीं। V. नारायणन भारत के क्रायोजेनिक इंजन के विकास में अहम भूमिका निभाई थीं।यह एक ऐसी तकनीक है, जिसे कभी बड़े देशों में भारत देश को देने से इनकार कर दिया गया था। तब उन्हें Nambi Narayanan के साथ इस रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट का इंजन बनाया था। Rocketry: The Nambi Effect मूवी इन्हीं नंबी नारायणन के ऊपर बनी हैं। सब मनाते हैं कि रॉकेट-मिसाइल तो इनके लिए बाएं हाथ का खेल है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति के अनुसार, नायारणन 14 जनवरी को पदभार ग्रहण करेंगे। वे अगले दो वर्षों या फिर अगले आदेश तक पद की गरिमा संभालेंगे। डॉ. वी नारायणन का जन्म तमिलनाडू के कन्याकुमारी जिले के मेलाकट्टू गांव में हुआ था,उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा तमिल मीडियम से यहीं से पूरी करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा में 1st रैंक हासिल किया। साथ ही,...

Instagram अश्लीलता और छात्र

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  Instagram, अश्लीलता और छात्र जब से इंटरनेट सस्ता हुआ है तब से छात्रों को अपने पसंदीदा शिक्षकों जुड़ने रास्ता बहुत सुलभ हो गया है Youtube पर क्लास लेने के बाद आज के समय सभी शिक्षक बाद में Instagram पर जुड़ने की बाते कह कर के अपने सभी छात्रों को कहीं न कहीं Instagram पर आने का मौका दे देते हैं, इसी बीच लगातार देखा जा रहे है की ऐसे गुरुजनों के पोस्ट पर कुछ अनैतिक लोगों द्वारा अश्लीलता से भरी कमेंट्स आती हैं, जो किसी को भ्रमित और आकर्षित कर सकती हैं जिसके बाद उपजे दुर्विचार और कुकर्म से प्रेरित लक्षण जागृत हो जाते हैं। अधिकतर पढ़ाई करने वाले एकांत में बैठते है पारिवारिक दृष्टि से दूर और किनारे इस बीच उनके द्वारा पढ़ाई के आड़ में किए जाने वाल आचरण अब एक बड़ी समस्या बनता जा रहा हैं। अब समय आ गया है कि ऑस्ट्रेलिया के तरह सख्त से सख्त कानून बना कर Instagram और इसके तरह के सभी अन्य पर निगरानी की जाएं और शिक्षकों द्वारा खुद अपने कमेंट सेक्शन को फिल्टर किया जाएं ताकि देश के होनहार सही मार्ग पे होते हुए भी अश्लीलता का मार्ग न चुन लें।

Breaking obstacles of knowledge.

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Breaking Obstacle of Knowledge यानी की BOOK एक साधारण लड़के के दिमाग़ की उपज हैं, मैं शुरू से बहुत ही साधारण और कम जाना माना विद्यार्थी रहा हूं लेकिन जब से प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे जानना समझना और झेलना सिखा हैं, तब से मन कि में मेरे में लगातार आता है कि कम से कम कुछ तो कर पाऊं जो कि किसी Deserving Student के काम आएं। इसी इच्छा के साथ मैंने ब्लॉग लिखना शुरू किया हैं। ..और मुझे लगता है कि इतना अलग नाम अब तक किसी भी बड़े संस्था ने नहीं रखा होगा। शिक्षा वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधेरे को दूर करता है। यह न केवल हमें ज्ञान देती है, बल्कि हमारे जीवन को बेहतर बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक माध्यम भी बनती है। मेरे ब्लॉग "Breaking Obstacles of Knowledge" यानि B O O K का उद्देश्य यही है कि हम शिक्षा से जुड़ी हर बाधा को समझें और उसे दूर करने के तरीके खोजें। मेंरी पूरी कोशिश रहेगी की नाम के अनुसार काम भी मैं कर पाऊं। और उम्मीद है कि मैं इसमें सफ़ल भी हूंगा।